अमेरिका की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी ओरेकल ने हाल ही में वैश्विक स्तर पर बड़ी छंटनी की घोषणा की, जिसमें हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया। इस निर्णय का असर न सिर्फ अमेरिकी मूल के कर्मचारियों पर पड़ा, बल्कि बड़ी संख्या में H-1B वीजा धारक विदेशी प्रोफेशनल्स भी प्रभावित हुए। ओरेकल में छंटनी क्यों हुई और इसके पीछे क्या आर्थिक व तकनीकी रणनीति काम कर रही है, इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
ओरेकल में छंटनी की वजह मुख्यतः बढ़ती प्रतिस्पर्धा, तकनीकी ऑटोमेशन और लागत में कटौती का दबाव बताया जा रहा है। कंपनी के अंदर संसाधन पुनर्बंटन (resource realignment) और क्लाउड कारोबार पर ज्यादा फोकस लगाने की रणनीति ने कुछ टीमों को प्राथमिकता देने पर मजबूर कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि कई अनुभवी H1B visa worker Oracle प्रोजेक्ट्स को भी बंद करना पड़ा।
H-1B वर्कर्स के लिए यह चुनौती और बड़ी है, क्योंकि US job laid off होने के बाद उनके पास कानूनी तौर पर टिके रहने की श्रेणी सीमित हो जाती है। H1B holders Oracle laid off की स्थिति में 60 दिन का grace period मिलता है, लेकिन इन दो महीनों का सदुपयोग कर नई नौकरी खोजना, वीजा ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करना या वीजा स्टेटस चेंज के विकल्प तलाशना बेहद अहम हो जाता है।
यदि आप H-1B वर्कर हैं और Oracle की छंटनी का शिकार हुए हैं तो निम्नलिखित पांच कदम अपनाकर अपने वीजा स्टेटस को सुरक्षित रख सकते हैं: 1) तुरंत नए नियोक्ता से job offer ले कर H-1B ट्रांसफर फ़ाइल करें, 2) USCIS grace period में वीजा स्टेटस चेंज (जैसे F-1 या O-1) का आवेदन देखें, 3) Optional Practical Training (OPT) या STEM OPT extension के विकल्पों पर विचार करें, 4) ई-Verify कंपनियों से संपर्क कर काम की तलाश तेज करें, 5) कानूनी सलाहकार से VRAA या LCA अपडेट करवाकर अपनी स्थिति स्पष्ट रखें।
निष्कर्षतः ओरेकल में छंटनी जैसे घटनाक्रम H1B वर्कर्स के लिए अनिश्चितता लेकर आते हैं, लेकिन सही रणनीति और समय पर उठाए गए कदम से वीजा वैधता को जारी रखा जा सकता है। बदलते कारोबारी माहौल और वीजा नियमों को समझकर ही किसी भी प्रोफेशनल को अपनी करियर यात्रा को स्थिर बनाए रखना होगा।

