बिलासपुर में आयोजित व्यावसायिक परीक्षा मंडल (vyapam exam) की लिखित परीक्षा में तपे-ही-पल रहे गर्मी की चुनौतियों (heat issues) के बीच सुबह 11 बजे से पहले बदलकर 10 बजे की समयसारिणी अपनाई गई, लेकिन इस बदलाव के बावजूद 34396 प्रवेश पत्रधारियों में से केवल 25252 परीक्षार्थी ही परीक्षा केंद्रों (exam center) पर पहुंचे। कुल मिलाकर 9144 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित (exam absentees) रहे, जो स्पष्ट रूप से बेहतर सूचना प्रवाह और समन्वय की कमी को दर्शाता है।
कुछ केंद्रों पर देर से होने वाली एंट्री (late entry) ने युवा उम्मीवारों का धैर्य परखा। तिलक नगर में फ्रिस्किंग टीम के विलंब के कारण कई बच्चे गेट पर 8:30 बजे तक खड़े रहे, जबकि राजेंद्र नगर स्कूल में एक विद्यार्थी को फुल शर्ट पहनने की वजह से खारिज कर दिया गया। उसे ‘नेकी की दीवार’ से हाफ शर्ट ढूंढनी पड़ी तब जाकर उसने परीक्षा हॉल में प्रवेश पाया। ये किस्से नियमों के पालन को रेखांकित करते हैं, साथ ही समय पर स्पष्ट दिशा-निर्देशों की अहमियत भी उजागर करते हैं।
परीक्षा के पैटर्न में math problems यानी गणितीय प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को उलझाया। त्रिकोणमिति के सवाल समयसाध्य थे, वहीं ‘काली मिर्च’ जैसे शब्दों में समास पहचानना भी एक नई चुनौती साबित हुआ। इसके विपरीत कंप्यूटर साइंस, सामान्य ज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी खंड अपेक्षाकृत सरल रहे। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के भूगोल, संस्कृति और इतिहास से जुड़े सवालों — जैसे भैंसादरहा मगरमच्छ अभ्यारण्य, शबरी नदी पर जल परिवहन और महिला कबड्डी विश्व कप में संजू देवी का ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना जाना — ने विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाया।
परीक्षा के दिन ट्रैफिक नियंत्रण में भी नई रणनीतियां अपनाई गईं। भारी वाहनों की सुबह 8 से 10 बजे और दोपहर 12 से 2 बजे तक एंट्री पर रोक लगाकर पुलिस ने प्रमुख चौकों, पुलों व ओवरब्रिज पर तैनाती की। इससे ज्यादातर आवागमन सुचारू रहा, लेकिन सोशल मीडिया और स्थानीय रेडियो के माध्यम से समय से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी साझा किए जाने से और मदद मिल सकती थी।
निष्कर्षतः बिलासपुर व्यापमं परीक्षा की यह पारी दर्शाती है कि सतर्कता, समयबद्ध दिशा-निर्देश और प्रभावी संचार व्यवस्था ही smooth conduct का आधार हैं। अगली बार प्रश्नपत्रों में उचित question balance, entry प्रबंधन में तत्परता और traffic advisories का समन्वित उपयोग उम्मीदवारों के आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा तथा अनुपस्थितियों को न्यूनतम पर ला सकेगा।

