राजकीय महाविद्यालय कृष्ण नगर में बीए, बीएससी एवं बीकॉम प्रथम वर्ष के नवागंतुकों के लिए आयोजित ओरियंटेशन कार्यक्रम ने नए छात्रों का अभिवादन करते हुए उनके अंदर उत्साह भर दिया। यह mahendragarh/narnaul news इन हिंदी खबरों में आज चर्चा का विषय रहा, जहाँ प्राचार्य डॉ. सुमन यादव ने कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का परिचय देते हुए आने वाले शैक्षणिक सत्र की रूपरेखा उजागर की। उन्होंने उपस्थित छात्रों को इस चुनौतीपूर्ण सफर के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने की प्रेरणा दी।
प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में समय-प्रबंधन और अनुशासन को सफलता की कुंजी बताया। महेंद्रगढ़/नारनौल समाचार के अनुसार, उन्होंने लाइब्रेरी संसाधन, प्रयोगशाला सुविधाएँ एवं मेंटरशिप कार्यक्रमों की जानकारी साझा की, ताकि छात्र अध्ययन और शोध कार्यों में स्वयं को सुदृढ़ कर सकें। उन्होंने नियमित उपस्थिति, समय पर असाइनमेंट जमा करने तथा पाठ्यक्रम के अतिरिक्त गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी पर भी जोर दिया।
शैक्षणिक दृष्टि से अनुशासन और समय-बंधन अतिआवश्यक हैं, क्योंकि ये दोनों तत्व न केवल अच्छी अंक प्राप्ति में सहायक होते हैं, बल्कि व्यावसायिक जीवन में भी मजबूत आधार तैयार करते हैं। यदि विद्यार्थी अपनी दिनचर्या को योजनाबद्ध रूप से संचालित करें, अध्ययन और मनोरंजन के बीच संतुलन बनाए रखें, तो वे न सिर्फ परीक्षाओं में सफल होंगे, बल्कि आत्मविश्वास और संगठन क्षमता भी विकसित कर पाएंगे।
हमें छात्रों की प्रतिक्रियाएं भी उत्साहवर्धक मिलीं, जिन्होंने नए साथी बनाए, शिक्षकों से सवाल-जवाब किया और कॉलेज की संस्कृति में खुद को ढालने की प्रतिबद्धता जताई। ग्रामीण परिवेश से आने वाले कई छात्र महाविद्यालय के प्रशासनिक मार्गदर्शन से कानूनी प्रक्रियाओं, छात्रवृत्ति आवेदन और अनुशासनिक नियमों को समझकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प ले रहे हैं। इस पहल से उनका भविष्य उज्जवल दिखने लगा है।
अंततः यह ओरियंटेशन सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि सफलता की पहली सीढ़ी है। यदि छात्र समय-प्रबंधन के साथ निर्धारित अनुशासन अपनाकर अध्ययन, शोध और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय रहेंगे, तो निश्चित ही उनकी अकादमिक यात्रा समृद्ध होगी। आने वाले वर्षों में इन नए छात्र-यात्रियों का लक्ष्य स्पष्ट रखना और उन पर दृढ़ता से आगे बढ़ना ही उन्हें व्यक्तिगत तथा व्यावसायिक रूप से ऊँचाइयों तक पहुंचाएगा।

