शिक्षक दिवस पर खरगौन जिला प्रशासन (khargone district administration) ने शिक्षा के परिदृश्य को बदलने के लिए दो महत्वाकांक्षी पहलों की शुरुआत की है। पहली पहल ‘मिशन बेंचमार्क खरगोन’ (मिशन बेंचमार्क खरगोन) के अंतर्गत आवश्यक सरकारी स्कूलों में टेबल-बेंच की व्यवस्था करना है, जबकि दूसरी ओर ई-क्लास खरगोन (e-class khargone) के जरिये विद्यार्थी अनुभवी शिक्षकों से सीखने का अवसर पायेंगे।
मिशन बेंचमार्क के माध्यम से चयनित स्कूलों में ‘table bench for students’ की आपूर्ति की जा रही है। मिट्टी पर बैठने की पुरानी आदत को बदल कर यह कदम छात्रों के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए सकारात्मक बदलाव लाएगा। बेहतर बैठने की सुविधा से पढ़ाई में मन लगेगा और उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
ई-क्लास खरगोन (e-class khargone) पहल से करीब 80 सरकारी स्कूलों के लगभग 5 हजार विद्यार्थी ‘experienced teachers online’ के साथ जुड़ रहे हैं। हाई-क्वालिटी वीडियो लेक्चर और इंटरेक्टिव सेशन्स के जरिए यह पहल ‘online education india’ के क्षेत्र में एक उदाहरण पेश कर रही है। इससे सीमांत इलाकों के छात्र भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षण से लाभान्वित होंगे।
स्थानीय समुदाय की सहभागिता और ‘tribal affairs department’ के सहयोग से यह परियोजना और अधिक प्रभावशाली बन रही है। स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों एवं ग्राम पंचायत के समन्वित प्रयास से ‘government school improvement’ में निरंतरता बनी रहेगी। हालांकि इंटरनेट कनेक्टिविटी व डिजिटल साक्षरता चुनौतियां खड़ी कर सकती हैं, पर समेकित प्रयास से इन्हें दूर किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, यह ‘khargone education innovation’ शैक्षिक बुनियादी ढांचे व डिजिटल शिक्षण को मिलाकर विद्यार्थियों के लिए बेहतर भविष्य की नींव रख रही है। मिशन बेंचमार्क और ई-क्लास खरगोन जैसे मॉडल अन्य जिलों के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। अगर इस तरह की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया जाए, तो सरकारी स्कूलों का स्वरूप ही बदल जाएगा।

