अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने एक नई पहल शुरू की है, जिसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को उच्च शिक्षा की राह पर आगे बढ़ने में मदद करना है। इस स्कॉलरशिप के जरिए चुनी गई छात्राओं को हर साल 30,000 रुपये का वित्तीय सहयोग मिलेगा, ताकि ग्रेजुएशन के सपने अधूरे न रहें।
यह योजना डिग्री कोर्स की अवधि के आधार पर दो से पांच साल तक चलती है, जिससे अधिकतम 1.5 लाख रुपये का अनुदान दिया जा सके। छात्राएं इस राशि का उपयोग कॉलेज की फीस, किताबें, शैक्षणिक सामग्री और अन्य जरूरी खर्चों में कर सकती हैं। तीन साल के ग्रेजुएशन प्रोग्राम में कुल 90,000 रुपये की सहायता मिलेगी, जो उनकी पढ़ाई को निर्बाध बनाए रखेगी।
इस स्कॉलरशिप का लाभ उन छात्राओं को मिलेगा जिन्होंने सरकारी स्कूल और कॉलेज से 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण की हो। जाति, धर्म या सांप्रदायिक आधार पर कोई भेदभाव नहीं होगा। आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है, कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा और अंतिम तारीख 31 अगस्त है। जरूरी दस्तावेजों में पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और शैक्षणिक प्रमाणपत्र शामिल हैं।
शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए आर्थिक बाधा को दूर करना जरूरी है। इस पहल से न सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर विद्यार्थियों को मदद मिलेगी, बल्कि दीर्घकालिक रूप से समाज में लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा। जब एक लड़की शिक्षित होती है, तो उसके परिवार और समुदाय पर सकारात्मक असर पड़ता है, जिससे पूरे समाज का विकास संभव होता है।
अंततः, यह स्कॉलरशिप उन लड़कियों के लिए सुनहरा अवसर है जो गरीबी के बावजूद बड़े सपने देखती हैं। इच्छुक छात्राओं को जितनी जल्दी हो सके ओपनिंग आवेदन फॉर्म भरने चाहिए और जरूरी दस्तावेज अपलोड करके अपने भविष्य को सुदृढ़ करने का रास्ता तैयार करना चाहिए।

